पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। मामले में गिरफ्तार केतन अग्रवाल की मंगेतर सिया गोयल और सह-आरोपी चेतन चौधरी से जुड़े कई डिजिटल सबूत पुलिस के हाथ लगे हैं। जांच एजेंसियां मोबाइल डेटा, चैट रिकॉर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की गहन पड़ताल कर रही हैं।
इसी बीच पुलिस को सिया गोयल के मोबाइल से कुछ कथित स्नैपचैट चैट भी मिली हैं, जिन्हें जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
स्नैपचैट चैट में आधार कार्ड और टिकट का जिक्र
पुलिस जांच के अनुसार, 24 और 25 मई की कथित स्नैपचैट बातचीत में सिया गोयल अपनी एक मित्र से आधार कार्ड की फोटो भेजने के लिए कहती दिखाई देती है। चैट में कथित तौर पर लिखा गया है कि शादी के लिए टिकट बुक करनी है, हालांकि साथ ही यह भी उल्लेख है कि शादी होने वाली नहीं है।
इसके जवाब में उसकी मित्र द्वारा आधार कार्ड व्हाट्सऐप पर भेजने की बात कही गई है। फिलहाल, इस बातचीत में शामिल मित्र की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है और पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है।
कोर्ट में कोड वर्ड से बातचीत का दावा
मामले की सुनवाई के दौरान जांच एजेंसियों ने अदालत को बताया कि शुरुआती जांच में ऐसे संकेत मिले हैं कि सिया गोयल और चेतन चौधरी आपसी बातचीत में कथित तौर पर कोड वर्ड और सांकेतिक भाषा का इस्तेमाल करते थे।
पुलिस का कहना है कि मोबाइल फोन से प्राप्त डिजिटल डेटा का फॉरेंसिक विश्लेषण किया जा रहा है, जिससे पूरे घटनाक्रम को समझने में मदद मिल सकती है।
14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए दोनों आरोपी
शुक्रवार को वडगांव कोर्ट में सिया गोयल और चेतन चौधरी को पेश किया गया, क्योंकि उनकी पुलिस रिमांड समाप्त हो चुकी थी। सुनवाई के दौरान पुलिस ने अतिरिक्त तीन दिन की रिमांड की मांग करते हुए कहा कि दोनों आरोपियों से आमने-सामने पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों की जांच अभी बाकी है। हालांकि अदालत ने दोनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
सिया के घर से बरामद किए गए अहम सबूत
जांच के दौरान 2 जुलाई को पुलिस सिया गोयल को उसके घर लेकर गई थी। वहां से एक पैंट बरामद की गई, जिसे जांच के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है। इसके अलावा, पुलिस ने दोनों आरोपियों से कई घंटों तक विस्तृत पूछताछ की और उनके बयानों का विभिन्न सबूतों से मिलान किया।
घटनास्थल पर कराया गया सीन रिक्रिएशन
पुलिस के अनुसार, अब तक कई डिजिटल साक्ष्य एकत्र किए जा चुके हैं। जांच टीम ने दोनों आरोपियों की मौजूदगी में उस स्थान पर सीन रिक्रिएशन भी कराया, जहां केतन अग्रवाल की हत्या हुई थी। इसका उद्देश्य घटनाक्रम की प्रत्येक कड़ी को समझना और उपलब्ध सबूतों का सत्यापन करना था।
हत्या से पहले कथित ‘रिहर्सल’ की भी जांच
जांच के दौरान पुलिस ने यह भी दावा किया है कि पूछताछ में सामने आया है कि हत्या से पहले कथित तौर पर एक तरह की ‘मर्डर रिहर्सल’ की गई थी। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी पहले पुणे के लुल्ला नगर स्थित एक पहाड़ी क्षेत्र में पहुंचे थे और वहां कथित तौर पर यह परखने की कोशिश की थी कि किसी व्यक्ति को पहाड़ी से धक्का देने पर क्या परिणाम हो सकता है। हालांकि, इन दावों की पुष्टि अभी अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों और आगे की जांच के आधार पर ही होगी।
पुलिस का कहना है कि मामले में डिजिटल चैट, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड, फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद संबंधित निष्कर्ष अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे। फिलहाल मामले में सभी आरोप जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं।











