हाथरस। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को हाथरस के सलेमपुर औद्योगिक क्षेत्र में आयोजित विशाल जनसभा में 548 करोड़ रुपये की लागत वाली 143 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने प्रदर्शनी स्टॉलों का निरीक्षण किया और बच्चों को अन्नप्राशन भी कराया।
अपने संबोधन की शुरुआत भगवान श्रीराम, हनुमान, श्रीकृष्ण, बलदाऊजी महाराज और बांके बिहारी के जयकारों से करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रसिद्ध हास्य कवि काका हाथरसी और हाथरस की प्रसिद्ध हींग का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास तभी संभव है, जब कानून-व्यवस्था मजबूत हो और शांति का माहौल बना रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश दंगों, उपद्रव और कर्फ्यू के लिए जाना जाता था, जिससे व्यापार और आम जनजीवन प्रभावित होता था। उन्होंने दावा किया कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है। हाल ही में संपन्न हुए मुहर्रम का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस बार 12 हजार से अधिक ताजिया जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से निकले। उन्होंने कहा कि ताजियों का आकार छोटा होने से न तो किसी स्थान पर छज्जे टूटे और न ही हाईटेंशन बिजली की लाइनें हटाने की जरूरत पड़ी।
सीएम योगी ने कहा कि हाथरस अब तेजी से औद्योगिक विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में प्रोसेसिंग सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे आलू किसानों को बेहतर भंडारण, उचित मूल्य और कम लागत का लाभ मिलेगा। साथ ही उन्होंने आगरा में अंतरराष्ट्रीय पोटेटो सेंटर और वाराणसी में अंतरराष्ट्रीय सैन्य संस्थान की स्थापना का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे कृषि और तकनीकी विकास को नई गति मिलेगी।
अपने भाषण के दौरान मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी और उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो लोग आज धर्मनगरी बनाने की बात कर रहे हैं, उनकी सरकार में रामभक्तों पर गोलियां चलीं, कांवड़ यात्रा पर रोक लगाई गई और जन्माष्टमी जैसे धार्मिक आयोजनों पर भी प्रतिबंध लगाए गए। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार मंदिरों के विकास और धार्मिक स्थलों के संरक्षण का कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने अखिलेश यादव से कृष्ण जन्मभूमि और रामलला के मुद्दे पर खुलकर अपनी राय रखने की चुनौती देते हुए कहा कि उन्हें कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति अभियान में भी भाग लेना चाहिए।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए योगी आदित्यनाथ ने 25 जून 1975 को लगाए गए आपातकाल का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने लोकतंत्र का गला घोंटा और विपक्षी नेताओं को जेल में डाल दिया था। उन्होंने कहा कि उस समय कई बड़े नेताओं के साथ-साथ मुलायम सिंह यादव को भी जेल भेजा गया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों में विकास केवल कुछ सीमित क्षेत्रों तक सिमटा हुआ था, जबकि वर्तमान डबल इंजन सरकार प्रदेश के सभी 75 जिलों में समान रूप से विकास कार्य करा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता तुष्टीकरण नहीं, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है।
उन्होंने आश्वासन दिया कि हाथरस में बस स्टैंड और मेडिकल कॉलेज जैसी लंबित मांगों पर भी जल्द कार्य होगा। साथ ही युवाओं के लिए नए उद्योगों और रोजगार के अवसर बढ़ाने तथा आलू किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है।










