हसेरन (कन्नौज)। विकासखंड हसेरन क्षेत्र में कथित रूप से बिना मान्यता संचालित हो रहे एक विद्यालय का मामला सामने आया है। आरोप है कि यह विद्यालय पिछले करीब छह महीने से बेरोकटोक संचालित हो रहा है, जबकि शासन स्तर से अमान्य विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए जाते रहे हैं। इसके बावजूद संबंधित शिक्षा विभाग की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
व्यापारिक प्रतिष्ठान के ऊपर चल रही कक्षाएं
मामला न्याय पंचायत बिलंदपुर खरगपुर के ग्राम राजपुर का बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार जलालपुर-कांकर कुई मेन रोड पर स्थित एक व्यापारिक प्रतिष्ठान के ऊपर बने कमरों में बच्चों को बैठाकर पढ़ाया जा रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय में निर्धारित मानकों के अनुरूप कक्षाएं नहीं हैं। बच्चों को छोटे कमरों में बड़ी संख्या में बैठाए जाने से उनकी सुरक्षा और शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर भी चिंता जताई जा रही है।
प्रशिक्षित शिक्षकों को लेकर भी सवाल
स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि विद्यालय में निर्धारित योग्यता रखने वाले प्रशिक्षित शिक्षकों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। विद्यालय संचालन के लिए आवश्यक मानकों को पूरा किए जाने को लेकर भी ग्रामीणों ने सवाल खड़े किए हैं।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। विद्यालय प्रबंधन और शिक्षा विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
शिकायत के बाद भी कार्रवाई पर सवाल
समाजसेवी विनय कुमार सिंह चौहान ने इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कन्नौज संदीप कुमार को लिखित शिकायत दिए जाने की बात कही है। आरोप है कि शिकायत के बावजूद मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई और केवल कागजी औपचारिकता पूरी कर प्रकरण को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
पूर्व खंड शिक्षा अधिकारी पर संरक्षण के आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी संजय कुमार के कार्यकाल में विद्यालय संचालक को कथित रूप से संरक्षण प्राप्त था। हालांकि, इस आरोप की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और संबंधित अधिकारी का पक्ष इस रिपोर्ट के लिए उपलब्ध नहीं है।
अब नए खंड शिक्षा अधिकारी श्री पाठक के आने के बाद ग्रामीणों को उम्मीद है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और यदि विद्यालय नियमों के विपरीत संचालित पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई होगी।
ग्रामीणों ने की जांच की मांग
ग्रामीणों की मांग है कि विद्यालय की मान्यता, भवन, कक्षाओं, शिक्षकों की योग्यता और अन्य आवश्यक मानकों की विभागीय स्तर पर जांच कराई जाए। यदि जांच में नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो विद्यालय संचालन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
अब बड़ा सवाल यही है कि शिकायत के बावजूद करीब छह महीने से कथित रूप से संचालित हो रहे इस विद्यालय पर शिक्षा विभाग कब तक कार्रवाई करता है?









