नादेमऊ। ग्राम पंचायत नादेमऊ के मजरा हैबतपुर में भारी बारिश के बाद जलभराव की समस्या गंभीर हो गई है। गांव की गलियां और सड़कें पानी में डूब गई हैं। बारिश का पानी लोगों के घरों और खेतों में भर जाने से ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई कच्चे मकान ढह गए हैं, जबकि पक्के मकानों में भी पानी भर गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि पानी निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी गांव में जमा हो रहा है। घरों में पानी घुसने के साथ ही मवेशियों को बांधने की जगह भी नहीं बची है। ग्रामीणों के मुताबिक जलभराव के कारण कभी-कभार सांप और बिच्छू जैसे जहरीले जीव भी घरों में घुस आते हैं। इससे बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है।

ग्रामीणों ने बताया कि समस्या को लेकर कई बार उच्च अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की जा चुकी है। 27 सितंबर 2026 को अधिकारियों की टीम ने गांव पहुंचकर जलभराव की स्थिति का निरीक्षण भी किया था, लेकिन इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो सका।
मंगलवार को जलभराव की समस्या से परेशान ग्रामीणों ने हाथ उठाकर प्रदर्शन किया और अधिकारियों से पानी की निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में पहले नाली बनी हुई थी, लेकिन कुछ लोगों ने उसे खेतों में मिला लिया। इसके कारण पानी की निकासी बाधित हो गई है।ग्रामीणों ने गांव में चकरोड और नाली का निर्माण कराकर जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक पानी की निकासी का उचित इंतजाम नहीं होगा, तब तक बारिश के दौरान हर साल यही समस्या बनी रहेगी।
प्रदर्शन में रूबी देवी, शिवानंद, राम बहादुर, रमेश चंद्र, गिरजानंद, उमाकांत, गजेंद्र, नरेश पाल, प्रमोद पाल, हरिराम पाल, बीर पाल, जयरतन, सविता, राम रतन, शिवरतन और अनीता देवी सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।





