हसेरन। भीषण गर्मी के बीच नादेमऊ क्षेत्र में गहराए बिजली और पानी संकट को लेकर ग्रामीणों और व्यापारियों का गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा। बड़ी संख्या में लोग तिराहे के पास रखे ट्रांसफार्मर के निकट एकत्र हुए और बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने खराब विद्युत व्यवस्था में सुधार और नियमित जलापूर्ति शुरू कराने की मांग उठाई।
ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले एक सप्ताह से क्षेत्र की बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। हालत यह है कि कई बार एक घंटे तक भी लगातार बिजली नहीं मिल पा रही। दिन-रात हो रही अघोषित कटौती और लो वोल्टेज ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। भीषण गर्मी में लोग पानी की एक-एक बूंद के लिए परेशान हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव की पानी की टंकी से भी पिछले करीब छह माह से नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है, जिससे पीने के पानी के लिए लोगों को भटकना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और बच्चों को झेलनी पड़ रही है।
व्यापारियों का कहना है कि लो वोल्टेज के कारण दुकानदारी प्रभावित हो रही है और बिजली उपकरण सही तरीके से काम नहीं कर पा रहे। लोगों के मुताबिक क्षेत्र के करीब 150 गांवों में बिजली आपूर्ति का कोई तय समय नहीं रह गया है और पूरी व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है।
किसानों ने बताया कि पर्याप्त बिजली न मिलने से समरसेबल पंप नहीं चल पा रहे हैं, जिससे खेतों में खड़ी मक्का की फसल सूखने लगी है। किसानों को रातभर जागकर सिंचाई करनी पड़ रही है, लेकिन लो वोल्टेज के चलते पानी नहीं उठ पा रहा।
ग्रामीणों और व्यापारियों ने प्रशासन से बिजली व्यवस्था जल्द दुरुस्त कराने, पानी की आपूर्ति सुचारु करने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
प्रदर्शन के दौरान राजीव उर्फ पिंटू गुप्ता, डॉ. राहुल यादव, लवली गुप्ता, घासी राम बाथम, आरिफ मोहम्मद, लल्ला कुशवाहा, लल्लन सिंह बैंस, सुबोध भदौरिया, रन्नों देवी, घनश्याम तोमर, शिवचरण वर्मा, रविन्द्र शर्मा समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण और व्यापारी मौजूद रहे।
इस संबंध में उपखंड अधिकारी अगस्त मौर्य ने बताया कि सभी लाइनमैनों को निर्देश दिए गए हैं कि रोस्टिंग के अनुसार प्रत्येक क्षेत्र में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। यदि कोई लाइनमैन लापरवाही करता पाया गया तो उसके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी।










