कन्नोज के कस्वा सौरिख की अजीमुस्सान हस्ती हजरत आजम मियाँ साहब काफी दिनों से बीमाऱ चल रहे थे जिनका दिल्ली लखनऊ व कानपुर के कई निजी अस्पतालो मे इलाज होता रहा मगर बुधवार सुबह लगभग 6 बजे उनका इंतकाल हो गया ।
जैसे ही लोगो को इंतकाल की खबर पता चली वैसे सारा नगर हजरत के घर की तरफ दौड़ पड़ा चाहे हिन्दू हो या मुसलमान हर आँख नम थी क्यूंकि उनके चाहने वाले हर जाति और धर्म के लोग थे पूरे नगर की दुकानों के ताले कल से आज तक नहीं खुले ।

बृहस्पतिवार को सुबह 10 बजे उनको आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे कट के पास स्थिति कब्रिस्तान मे सुपुर्दे ख़ाक किया गया क्यूंकि उन्होंने अपने जीते जी पहले ही इस जगह की वसीयत कर दी थी कि मुझे सौरिख मे इसी जगह सुपुर्दे ख़ाक किया जाये ।
आज ज़नाजे मे उनके चाहने वाले हिंदुस्तान के हर कोने से हर जाति और धर्म के लोग आये हुए थे हजरत के ज़नाजे लगभग तीस हजार से अधिक भीड़ थी सौरिख नगर की हर सड़क पर जाम नजर आया ।
सौरिख थानाध्यक्ष जयंती प्रसाद गंगवार अपने स्टाफ के साथ पूरी मुस्तैदी के साथ नजर आये और कही भी नगर मे जाम की स्थिति पैदा नहीं hone दी जनाजा उठने की जगह से लेकर कब्रिस्तान तक पुलिस की व्यवस्था चाक चौबंद रही।
रिपोर्ट: मुजीब हुसैन







