उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के टीपी नगर इलाके में बीए की छात्रा ललिता गौतम की हत्या के मामले में पुलिस जांच में कई अहम बातें सामने आई हैं। पुलिस के अनुसार, हत्या का आरोप छात्रा के प्रेमी अंकुश पर है, जिसने शक के चलते इस वारदात को अंजाम दिया।
20 वर्षीय ललिता 15 मई को परीक्षा देने के लिए घर से निकली थी, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटी। परिवार ने काफी तलाश के बाद टीपी नगर थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। जांच के दौरान पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिनमें ललिता आरोपी अंकुश के साथ दिखाई दी।
इसके बाद पुलिस ने जांच तेज की और रविवार को रोहटा क्षेत्र के उपसिया जंगल में गन्ने के खेत से छात्रा का शव बरामद किया। शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई, जबकि परिवार गहरे सदमे में है।
पुलिस पूछताछ में आरोपी अंकुश ने बताया कि उसका ललिता से प्रेम संबंध था। घटना वाले दिन उसने छात्रा के मोबाइल फोन में कुछ चैट और तस्वीरें देखीं, जिससे उसे शक हुआ कि ललिता किसी अन्य युवक के संपर्क में भी थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ और गुस्से में उसने उसकी हत्या कर दी।
परिजनों का कहना है कि अंकुश पहले से ही ललिता को परेशान करता था। इसी वजह से परिवार गांव छोड़कर शहर में रहने लगा था। परिवार ने अंकुश समेत अन्य लोगों के खिलाफ हत्या और अपहरण जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। उन्होंने पुलिस पर शुरुआती स्तर पर लापरवाही बरतने का आरोप भी लगाया।
जांच के दौरान पुलिस को ललिता की कॉपी से एक हस्तलिखित नोट मिला, जिसे बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बताया गया कि यह नोट 11 मई को लिखा गया था। इसमें ललिता ने किसी अनहोनी की आशंका जताई थी। उसने लिखा था कि वह परीक्षा देने जा रही है, लेकिन उसे अंदर ही अंदर डर महसूस हो रहा है। नोट में उसने भगवान से अपने परिवार की सलामती की प्रार्थना की और लिखा कि उसके साथ कुछ गलत हुआ तो उसका परिवार टूट जाएगा।
नोट के अंत में लिखे शब्द — “सेव मी, सेव ऑल” — ने पूरे मामले को और भावुक बना दिया है। पुलिस अब इस नोट को जांच का अहम हिस्सा मानकर आगे की कार्रवाई कर रही है।











