Madhuvendra Rai: The Man Behind Bhojpuri Stardom: पिछले दिनों पटना में आयोजित हुए भव्य समारोह “जी भोजपुरी सम्मान” में अगर किसी एक नाम की सबसे ज्यादा चर्चा रही, तो वह था मधुवेंद्र राय।
मंच पर मौजूद भोजपुरी सिनेमा के दिग्गज सितारे जैसे मनोज तिवारी, रवि किशन, अक्षरा सिंह, दिनेश लाल यादव “निरहुआ”, आम्रपाली दुबे और यश मिश्रा ने खुलकर मधुवेंद्र राय की तारीफ की। सभी कलाकारों ने एक स्वर में कहा कि मधुवेंद्र राय की एक आवाज पर वे बिना किसी सवाल के हाजिर हो जाते हैं।
इस चर्चा की शुरुआत खुद रवि किशन ने मंच से की। उन्होंने मधुवेंद्र राय के व्यक्तित्व और उनके योगदान का जिक्र किया, जिसके बाद लगभग हर स्टार ने उनके बारे में कुछ न कुछ कहा। तभी से यह सवाल चर्चा का विषय बन गया कि आखिर पर्दे के पीछे रहकर भोजपुरी स्टार्स का इतना प्रिय बन चुका यह शख्स मधुवेंद्र राय कौन है?
12 जनवरी को उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में जन्मे मधुवेंद्र राय का बचपन एक समृद्ध परिवार में बीता। उनके पिता का मुंबई में बड़ा व्यवसाय था। स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद मधुवेंद्र भी मुंबई आ गए और आगे की पढ़ाई वहीं से पूरी की।
मधुवेंद्र राय को बचपन से ही फिल्मों की दुनिया आकर्षित करती थी। यही आकर्षण उन्हें सिनेमा की ओर खींच लाया। उस दौर में भोजपुरी सिनेमा तेजी से आगे बढ़ रहा था और अपनी मिट्टी की भाषा होने के कारण मधुवेंद्र ने भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा।
उन्होंने सबसे पहले उस समय की सुपरस्टार रानी चटर्जी को लेकर फिल्म “रावड़ी रानी” का निर्माण किया। हालांकि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कोई बड़ा चमत्कार नहीं कर सकी, लेकिन मधुवेंद्र राय चर्चा में जरूर आ गए, क्योंकि उन्होंने फिल्म पर दिल खोलकर खर्च किया था।
इसके बाद उन्होंने रानी चटर्जी के साथ ही दूसरी फिल्म “हमसे बढ़ कर कौन” बनाई। इस दौरान तक मधुवेंद्र भोजपुरी इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बना चुके थे।
फिल्म निर्माण के साथ ही उन्होंने इवेंट्स की दुनिया में भी बड़ा कदम रखा। 4 मार्च 2016 को सऊदी अरब के दोहा में नेपाल और भोजपुरी कलाकारों के साथ एक भव्य स्टार नाइट का आयोजन किया। इसके बाद दुबई और दोहा समेत कई देशों में बड़े-बड़े कार्यक्रमों का सिलसिला शुरू हो गया।
मृदुभाषी स्वभाव और कलाकारों को समय पर मेहनताना देने की उनकी आदत ने उन्हें पूरी भोजपुरी इंडस्ट्री का भरोसेमंद चेहरा बना दिया। धीरे-धीरे मधुवेंद्र राय इंडस्ट्री के सबसे प्रभावशाली नामों में शामिल हो गए।
इसी दौरान उन्होंने खेसारी लाल यादव को लेकर फिल्म “मेहंदी लगा कर रखना” का निर्माण किया। यह फिल्म चर्चा में रही, लेकिन इसके बाद मधुवेंद्र राय ने फिल्म निर्माण से दूरी बना ली।
फिर शुरू हुआ अवॉर्ड शो और इंटरनेशनल इवेंट्स का दौर। एक के बाद एक देश-विदेश में आयोजित कार्यक्रमों के जरिए भोजपुरी सिनेमा का परचम लहराने लगा। मधुवेंद्र राय का नाम ऐसा बन गया कि भोजपुरी स्टार्स उनकी एक आवाज पर किसी भी मंच पर पहुंच जाते थे।
उन्होंने लगातार तीस से अधिक बड़े अवॉर्ड शो और इवेंट्स आयोजित किए। इसी सफर में साल 2023 में उनके हिस्से आया “फिल्म फेयर भोजपुरी अवॉर्ड”, जिसने भोजपुरी इंडस्ट्री में नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया। भोजपुरी सिनेमा के लगभग सभी बड़े सितारों का एक मंच पर आना अपने आप में ऐतिहासिक माना गया।
यही मधुवेंद्र राय का तिलिस्म था, जिसकी झलक “जी भोजपुरी सम्मान” के मंच पर भी देखने को मिली, जहां लगभग हर कलाकार उनके नाम का जिक्र करता नजर आया।
फिलहाल मधुवेंद्र राय एक बार फिर “फिल्म फेयर भोजपुरी अवॉर्ड” की तैयारियों में जुटे हुए हैं। भले ही उन्होंने भोजपुरी फिल्म निर्माण से दूरी बना ली हो, लेकिन अब वे 2027 से हिंदी फिल्मों में बड़ी एंट्री की तैयारी कर रहे हैं।












