Lucknow Fire Accident: लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में एक अवैध इमारत में हुए भीषण अग्निकांड के बाद जांच तेज हो गई है। इस हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई थी, जिसके बाद इमारत के निर्माण, स्वामित्व और सुरक्षा मानकों को लेकर कई गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, इमारत के सह-स्वामी सुरेंद्र शुक्ल का नाम पहले भी वर्ष 2015 के चर्चित सीपीएमटी पेपर लीक मामले में सामने आ चुका है। उस समय उनके खिलाफ पेपर लीक की साजिश में शामिल होने के आरोपों को लेकर एफआईआर दर्ज की गई थी। हालांकि, बाद में एसटीएफ की जांच में पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर उन्हें राहत मिल गई थी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, उस मामले में आरोप लगाए गए थे कि उनकी बेटी एक परीक्षा केंद्र पर परीक्षा दे रही थी, और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी कुछ व्यवस्थाओं को लेकर विवाद उठा था। जांच के दौरान परीक्षा संचालन और प्रश्नपत्र लीक से जुड़े विभिन्न पहलुओं की भी पड़ताल की गई थी, जिसमें कई शैक्षणिक संस्थानों और व्यक्तियों के नाम सामने आए थे।
बाद में विवेचना और जांच प्रक्रिया के दौरान कुछ नामों को पूरक आरोपपत्र में शामिल किया गया, जबकि अंतिम जांच में सुरेंद्र शुक्ल के खिलाफ ठोस साक्ष्य न मिलने की बात सामने आई और उन्हें बरी कर दिया गया।
अलीगंज अग्निकांड में इमारत के दूसरे सह-स्वामी उनके भाई वीरेंद्र शुक्ल का नाम भी सामने आया है। दोनों भाइयों पर लंबे समय से प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़े होने और जमीन खरीद-बिक्री को लेकर विभिन्न आरोपों की चर्चा होती रही है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
स्थानीय प्रशासन अब इस हादसे की व्यापक जांच कर रहा है। जांच एजेंसियां इमारत के निर्माण की अनुमति, स्वामित्व रिकॉर्ड और सुरक्षा मानकों के अनुपालन जैसे सभी पहलुओं की समीक्षा कर रही हैं, ताकि आग लगने के कारणों और जिम्मेदार पक्षों का पता लगाया जा सके।







