हसेरन (कन्नौज)। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की धनराशि लंबे समय से नहीं मिलने के कारण विकास खंड हसेरन के कई किसान परेशान हैं। खेती-किसानी के कार्यों में आर्थिक सहायता देने वाली इस योजना की राशि न मिलने से किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या को लेकर ग्राम प्रधान सकतपुर विवेक दुबे ने जिलाधिकारी से किसानों को सम्मान निधि दिलाए जाने की मांग की है।
केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों को खेती से जुड़ी जरूरतों के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। हालांकि, हसेरन विकास खंड में कई किसानों को काफी समय से इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इससे चिंतित किसानों ने ग्राम प्रधान से समस्या के समाधान की गुहार लगाई है।
इस संबंध में एडीओ एजी सर्वेश कुमार ने बताया कि शासन की ओर से ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कराने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। जिन किसानों की ई-केवाईसी नहीं हुई है, वे जनसेवा केंद्र पर जाकर इसे पूरा करा लें।
उन्होंने बताया कि जांच के दौरान कुछ ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जिनमें पति-पत्नी दोनों सम्मान निधि का लाभ ले रहे हैं। फैमिली आईडी से मिलान के दौरान ऐसे मामले संज्ञान में आए हैं। ऐसे मामलों में नियमानुसार पति-पत्नी में से किसी एक को शपथपत्र देना होगा।
इसके अलावा किसानों को अपने बैंक खाते में आधार सीडिंग और एनपीसीआई (NPCI) की प्रक्रिया पूरी कराने के लिए संबंधित बैंक शाखा में आधार कार्ड के साथ जाना होगा। वहीं, भूमि संबंधी सत्यापन के लिए तहसील में लैंड डीसीडी की प्रक्रिया भी पूरी करानी होगी।
अधिकारियों के अनुसार, ई-केवाईसी, बैंक खाते से आधार लिंकिंग, एनपीसीआई और भूमि सत्यापन सहित सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद पात्र किसानों को सम्मान निधि मिलने का रास्ता साफ हो सकेगा। अब किसानों को उम्मीद है कि उनकी समस्या का जल्द समाधान होगा और रुकी हुई धनराशि मिल सकेगी।







