Prahlad Joshi Gets New Responsibility for Education Department: नीट पेपर लीक को लेकर देशभर में छात्रों के विरोध के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति ने उनका इस्तीफा मंजूर कर लिया है। इसके बाद उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब पेपर लीक के मुद्दे पर छात्रों का विरोध प्रदर्शन लगातार तेज हो रहा था। छात्र परीक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
प्रह्लाद जोशी संभालेंगे शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी
प्रह्लाद जोशी केंद्र सरकार में पहले से उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। अब उन्हें शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
जोशी ने 30 मई 2019 को पहली बार केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली थी। उस समय उन्हें संसदीय कार्य, कोयला और खान मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई थी। जून 2024 तक उन्होंने इन मंत्रालयों का कार्यभार संभाला।
2024 के लोकसभा चुनाव के बाद जून 2024 में उन्हें उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के साथ नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी। प्रह्लाद जोशी धारवाड़ लोकसभा सीट से लगातार पांच बार चुनाव जीत चुके हैं।
छात्रों के आंदोलन के बीच बढ़ा सरकार पर दबाव
पेपर लीक के मुद्दे पर शुरू हुआ छात्रों का विरोध धीरे-धीरे बड़े आंदोलन में बदल गया। सोशल मीडिया पर चलने वाले अभियानों और युवाओं की बढ़ती भागीदारी ने सरकार और भाजपा के सामने जेनजी के साथ संवाद की चुनौती को भी सामने रखा।
20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान बड़ी संख्या में युवाओं के जुटने और गर्मी के बावजूद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी रहने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया के जरिए छात्रों से संवाद की पहल की।
प्रधानमंत्री ने एक सोशल मीडिया वीडियो संदेश के माध्यम से पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून बनाने, दोषियों पर कार्रवाई करने और परीक्षा व्यवस्था में सुधार का भरोसा दिया।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच धर्मेंद्र प्रधान का शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा और प्रह्लाद जोशी को मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दिया जाना एक बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक बदलाव माना जा रहा है।






