नई दिल्ली : “संस्कृति, अस्मिता और नेतृत्व” विषय पर आधारित राष्ट्रीय युवा नेतृत्व कार्यक्रम 2026 का सफल आयोजन विश्व युवक केंद्र, नई दिल्ली में प्रोजेक्ट पॉइंट द्वारा MY Bharat के सहयोग से किया गया।
इस कार्यक्रम में भारत तथा पड़ोसी देशों से आए 180 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें युवा नेता, नीति-निर्माता, शिक्षाविद, सरकारी अधिकारी, सामाजिक उद्यमी, स्वयंसेवक, नागरिक समाज संगठनों के प्रतिनिधि तथा अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि शामिल थे। कार्यक्रम का उद्देश्य विकसित भारत@2047 की राष्ट्रीय दृष्टि के अनुरूप युवा नेतृत्व, लोकतांत्रिक सहभागिता, नीति जागरूकता, सांस्कृतिक आदान-प्रदान तथा सहयोगात्मक राष्ट्र निर्माण को बढ़ावा देना था।

कार्यक्रम को NTPC, OPGC, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया तथा केनरा बैंक का संस्थागत सहयोग प्राप्त हुआ। नीति आयोग ने Knowledge Partner के रूप में सहभागिता की, जबकि Global Youth Peace Committee, Humans for Volunteering तथा Social Action Mobilizer ने कार्यक्रम सहयोग प्रदान किया। मीडिया एवं सांस्कृतिक साझेदारी KN Live 24, Indian Times News, Salaam Namaste Radio, Rhythm Shala, Sri Lankan Students’ Association तथा Tuljaram Chaturchand College द्वारा की गई।
उद्घाटन सत्र का शुभारंभ सुभालक्ष्मी दास के स्वागत भाषण से हुआ, जिसके बाद डॉ. संग्राम केशरी सामंतराय ने कार्यक्रम की उद्देश्यपरक भूमिका प्रस्तुत की। डॉ. सामंतराय ने युवाओं को शासन, शांति निर्माण, लोकतांत्रिक भागीदारी तथा सामाजिक परिवर्तन में सक्रिय भागीदार बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
मुख्य सत्र में उदय शंकर सिंह एवं निहार रंजन दास सहित कई विशिष्ट अतिथियों ने सहभागिता की। मुख्य अतिथि महिशिनी कोलोन ने दक्षिण एशिया में शांति एवं प्रगतिशील सहयोग को बढ़ावा देने हेतु क्षेत्रीय सहयोग, युवा कूटनीति तथा सांस्कृतिक समझ की महत्ता को रेखांकित किया।

कार्यक्रम के अंतर्गत दो प्रमुख विषयगत पैनल चर्चाओं का आयोजन किया गया। पहली पैनल चर्चा “युवा नीति, वकालत एवं अधिकार” विषय पर आयोजित हुई, जिसका संचालन ब्रज श्रीवास्तव ने किया। इसमें प्रवाकर साहू, यक्षिका वत्स तथा सयाक सरकार ने युवाओं की शासन में भागीदारी, अधिकार-आधारित वकालत, स्वयंसेवा तथा नीति सहभागिता पर विचार साझा किए।
दूसरी पैनल चर्चा “अंतरराष्ट्रीय सहयोग एवं गैर-सरकारी संगठन” विषय पर आयोजित हुई, जिसका संचालन उदय शंकर सिंह ने किया। इस चर्चा में मनिंदर पाल सिंह, शोभा कपूर, निहार रंजन दास तथा शुभ्रो रॉय ने सीमा-पार साझेदारी, युवा विनिमय कार्यक्रमों तथा सहयोगात्मक सामाजिक विकास की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण “विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग” रहा, जो लोकतांत्रिक भागीदारी, सुशासन, नेतृत्व विकास तथा राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर केंद्रित एक महत्वपूर्ण नीति-उन्मुख सत्र के रूप में उभरा। इस सत्र में युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, MY Bharat, NSS तथा विभिन्न युवा संगठनों से जुड़े प्रतिनिधियों ने सक्रिय सहभागिता की।
प्रमुख वक्ताओं ऋतिका वर्मा, विपिन कुमार तथा दिवाकर भाटी ने शासन एवं सार्वजनिक नीति निर्माण प्रक्रियाओं में युवाओं की सक्रिय भागीदारी की आवश्यकता पर जोर दिया। चर्चा के दौरान सरकारी योजनाओं के प्रति सीमित जागरूकता, ग्रामीण युवाओं का पलायन, युवा क्लबों की स्थिरता तथा नीति निर्माण और जमीनी क्रियान्वयन के बीच अंतर जैसी चुनौतियों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
पैनलिस्टों ने सामूहिक रूप से यह रेखांकित किया कि विकसित भारत@2047 की परिकल्पना केवल समावेशी लोकतांत्रिक भागीदारी, नेतृत्व विकास, उद्यमिता संवर्धन तथा निरंतर युवा सहभागिता के माध्यम से ही साकार हो सकती है।
संवाद से उभरकर आए प्रमुख सुझावों में जिला स्तरीय युवा नेतृत्व शिविर, MY Bharat प्लेटफॉर्म के माध्यम से डिजिटल पहुंच का विस्तार, स्थानीय उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र को प्रोत्साहन तथा जमीनी स्तर पर सतत युवा सहभागिता तंत्र की स्थापना शामिल रही।
कार्यक्रम में भारत की सांस्कृतिक विविधता का भी भव्य प्रदर्शन किया गया। मुख्य प्रस्तुतियों में सपना राय द्वारा ओडिसी नृत्य, तुलजाराम चतुर्चंद कॉलेज के विद्यार्थियों द्वारा देवली लोक नृत्य, श्रीलंकाई छात्र संघ द्वारा पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां तथा अंकुर शरण की लाइव संगीत प्रस्तुति शामिल रही।
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण आकर्षण राष्ट्रीय युवा नेतृत्व पुरस्कार 2026 रहा, जिसके अंतर्गत भारत, बांग्लादेश, नेपाल, श्रीलंका तथा लाइबेरिया के 42 व्यक्तियों एवं संगठनों को युवा सशक्तिकरण, शांति एवं सद्भाव, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, खेल, वकालत, संस्कृति, सामाजिक विकास तथा राष्ट्रीय एकता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान हेतु सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान एक अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में हरियाणा, बिहार, तेलंगाना, दिल्ली, केरल एवं झारखंड की विभिन्न साझेदार संस्थाओं के साथ छह समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए, जिनका उद्देश्य सहयोगात्मक युवा विकास पहलों एवं संस्थागत साझेदारी को सशक्त बनाना है।
कार्यक्रम का समापन सितंबर 2026 में प्रस्तावित दक्षिण एशियाई युवा शिखर सम्मेलन की घोषणा के साथ हुआ। साथ ही राष्ट्रीय युवा नीति से संबंधित भविष्य की परामर्श प्रक्रियाओं हेतु रणनीतिक सुझाव तैयार करने की भी घोषणा की गई।
आयोजकों ने समावेशी, क्रियाशील एवं सतत युवा नेतृत्व मंचों के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, जो लोकतांत्रिक भागीदारी, सांस्कृतिक पहचान, सामाजिक उत्तरदायित्व, शांति निर्माण तथा क्षेत्रीय सहयोग को भारत एवं दक्षिण एशिया में मजबूत करने की दिशा में कार्य करेंगे।











