मौसम क्रिकेट वायरल न्यूज़ स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल विज्ञान आध्यात्मिक अन्य

Jamia Millia Islamia में छात्रों की बड़ी जीत! 20 साल बाद होंगे छात्रसंघ चुनाव, प्रशासन ने तय की डेडलाइन

On: October 29, 2026 11:20 PM
Follow Us:

नई दिल्ली: जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रसंघ की बहाली की मांग को लेकर लंबे समय से चल रहे आंदोलन के बीच विश्वविद्यालय प्रशासन ने चुनाव कराने की समयसीमा तय कर दी है। प्रशासन के नए फैसले के अनुसार, छात्रसंघ का संविधान 15 मई 2027 तक तैयार कर लागू किया जाएगा। इसके बाद 16 जुलाई 2027 से शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र के छह सप्ताह के भीतर छात्रसंघ चुनाव कराए जाएंगे।

विश्वविद्यालय प्रशासन का यह फैसला छात्रसंघ चुनाव की स्पष्ट समयसीमा की मांग कर रहे विद्यार्थियों के लिए अहम माना जा रहा है। छात्र पिछले कई दिनों से परिसर में प्रदर्शन और भूख हड़ताल के जरिए अपनी मांग उठा रहे थे।

2006 में भंग हुआ था छात्रसंघ

जामिया मिल्लिया इस्लामिया में आखिरी बार वर्ष 2005 में छात्रसंघ चुनाव हुए थे। मार्च 2006 में विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रसंघ को भंग कर दिया था। इसके बाद करीब दो दशक तक विश्वविद्यालय में केंद्रीय स्तर पर निर्वाचित छात्रसंघ का गठन नहीं हुआ।

इस दौरान छात्रसंघ की बहाली को लेकर समय-समय पर मांग उठती रही। विद्यार्थियों का तर्क है कि निर्वाचित छात्रसंघ के माध्यम से वे फीस, छात्रावास, कैंपस सुविधाओं और अन्य शैक्षणिक मुद्दों को प्रशासन के सामने प्रभावी ढंग से रख सकते हैं।

प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने तय की समयसीमा

छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर जामिया में हाल के दिनों में आंदोलन तेज हुआ। विद्यार्थियों ने चुनाव कराने के साथ-साथ प्रक्रिया के लिए निश्चित तारीखें घोषित करने की मांग की थी। पहले जारी आदेश में संविधान को मंजूरी मिलने के बाद चुनाव कराने की बात कही गई थी, लेकिन निश्चित समयसीमा नहीं होने के कारण प्रदर्शनकारी छात्रों ने असंतोष जताया था।

अब प्रशासन ने संविधान तैयार करने और चुनाव कराने के लिए समयसीमा निर्धारित कर दी है। नए कार्यक्रम के तहत संविधान तैयार करने की प्रक्रिया 15 मई 2027 तक पूरी की जाएगी और आगामी शैक्षणिक सत्र शुरू होने के छह सप्ताह के भीतर मतदान कराया जाएगा।

आंदोलनरत छात्रों पर हुई कार्रवाई वापस लेने का फैसला

विश्वविद्यालय प्रशासन ने आंदोलन के दौरान विद्यार्थियों के खिलाफ की गई अनुशासनात्मक कार्रवाइयों को वापस लेने का भी निर्णय लिया है। इसमें निलंबन, कारण बताओ नोटिस और परिसर में प्रवेश पर लगाए गए प्रतिबंधों को हटाने की बात शामिल है।

प्रशासन ने विद्यार्थियों से आंदोलन और भूख हड़ताल समाप्त करने की अपील भी की है। इस फैसले के बाद अब छात्रसंघ की नई व्यवस्था तैयार करने और चुनाव प्रक्रिया को निर्धारित समय के भीतर पूरा करने पर नजर रहेगी।

अब आगे क्या होगा?

जामिया में छात्रसंघ चुनाव की बहाली के लिए सबसे महत्वपूर्ण अगला कदम नए संविधान को तैयार कर लागू करना है। इसके बाद चुनाव संबंधी अधिसूचना, मतदाता सूची और अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी।

करीब 20 साल बाद छात्रसंघ चुनाव की समयसीमा तय होने से विश्वविद्यालय में छात्र प्रतिनिधित्व की बहाली की उम्मीद बढ़ी है। हालांकि, इस फैसले का वास्तविक परिणाम निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार चुनाव संपन्न होने के बाद ही सामने आएगा।

मो उवैस खान

मो. उवैस खान (Advocate) KN Live Media Network के संस्थापक एवं KN LIVE24 के प्रधान संपादक हैं। CSJM University से LLB की डिग्री के साथ ही इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) से पी.जी. जे.एम.सी. (पत्रकारिता एवं जनसंचार) की डिग्री प्राप्त की है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment