कन्नौज। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के पदाधिकारियों ने जनपद रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के ध्वस्तीकरण आदेश को निरस्त करने तथा रेगुलराइजेशन के माध्यम से शिक्षण कार्य जारी रखने की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन के माध्यम से सौंपा।
इस दौरान AIMIM Kannauj जिला अध्यक्ष इशरत खान ने कहा कि मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय सभी वर्गों के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र है, जहां हजारों छात्र-छात्राएं नाममात्र की फीस पर शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि निर्माण में कोई तकनीकी त्रुटि है तो उसका समाधान ध्वस्तीकरण नहीं, बल्कि नियमानुसार रेगुलराइजेशन होना चाहिए।

ज्ञापन में कहा गया कि विश्वविद्यालय का निर्माण कई वर्ष पहले हुआ था और उस समय संबंधित क्षेत्र रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) के अधिकार क्षेत्र में नहीं था। इसके बावजूद अब कथित रूप से नक्शे के विपरीत निर्माण का हवाला देते हुए 40 में से 38 इमारतों को ध्वस्त करने का आदेश जारी किया गया है।
AIMIM ने अपने ज्ञापन में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21A और अनुच्छेद 30(1) का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा का अधिकार और अल्पसंख्यकों को शिक्षण संस्थान स्थापित एवं संचालित करने का अधिकार संविधान द्वारा संरक्षित है। पार्टी का कहना है कि विश्वविद्यालय का ध्वस्तीकरण हजारों छात्र-छात्राओं की शिक्षा और भविष्य को प्रभावित करेगा।
पार्टी ने सरकार और संबंधित विभागों से ध्वस्तीकरण आदेश पर तत्काल रोक लगाकर उसे निरस्त करने तथा छात्रहित में विश्वविद्यालय को रेगुलराइजेशन की प्रक्रिया के माध्यम से राहत देने की मांग की।
इस अवसर पर जिला मुख्य महासचिव हाशिम सिद्दीकी, एससी-एसटी जिला अध्यक्ष जगजीवन धोरे, नगर अध्यक्ष हाशिम हुसैन, यूथ जिला अध्यक्ष अकबर खान, जिला प्रवक्ता वसीम ओवैसी, विधानसभा अध्यक्ष खालिद ओवैसी, यूथ जिला उपाध्यक्ष रूमी, जिला महासचिव इकबाल सिद्दीकी सहित बड़ी संख्या में AIMIM कार्यकर्ता उपस्थित रहे।





