भोजपुरी सिनेमा इन दिनों एक चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा है। सिनेमाघरों की संख्या घट रही है, बजट सीमित हो रहे हैं और कई कलाकारों के लिए लगातार काम पाना मुश्किल होता जा रहा है। ऐसे समय में, जब इंडस्ट्री संघर्ष के दौर में दिखाई देती है, एक नाम ऐसा है जिसने केवल अपनी अभिनय क्षमता के दम पर न सिर्फ अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है, बल्कि लगातार एक के बाद एक फिल्मों में काम भी हासिल किया है। यह नाम है अंशुमान सिंह राजपूत।
साल 2018 में फिल्म बार्डर से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अंशुमान ने शुरुआती दौर में ही यह साबित कर दिया था कि वे भीड़ का हिस्सा बनने नहीं आए हैं। इमोशनल दृश्यों से लेकर एक्शन तक, देहाती किरदारों से लेकर आधुनिक भूमिकाओं तक, उन्होंने हर चरित्र में अपनी अलग छाप छोड़ी है। इंडस्ट्री के कई निर्देशक मानते हैं कि कैमरा उन्हें पसंद करता है और उनकी स्क्रीन प्रेजेंस दर्शकों को बांधे रखती है।
साल 2024 अंशुमान के करियर का सबसे महत्वपूर्ण वर्ष साबित हुआ। इस दौरान जय वट सावित्री मईया, वरदान बनल अभिशाप, बड़की बहु छोटकी बहु, सास अठन्नी बहु रुपैया, ऐसा पति मुझे दे भगवान, सुहाग के बंटवारा, बधाई देवे आइब ना, मां भवानी और एक बहु ऐसी भी जैसी फिल्में रिलीज हुईं। इनमें वरदान बनल अभिशाप, बड़की बहु छोटकी बहु और ऐसा पति मुझे दे भगवान ने टेलीविजन पर शानदार प्रदर्शन करते हुए उल्लेखनीय टीआरपी हासिल की। सैटेलाइट मार्केट में उनकी बढ़ती लोकप्रियता के कारण उन्हें “टेलीविजन का लकी चार्म” भी कहा जाने लगा।
यह केवल संख्याओं का खेल नहीं, बल्कि दर्शकों और निर्माताओं के विश्वास का प्रमाण है कि 2025 में भी उनकी फिल्मों की लंबी सूची देखने को मिली। सास बहू की पंचायत, अंगना में खनके कंगना, बाझिन बहु, मां की ममता, सास बहू की पाठशाला, कन्यादान, बेलन वाली बहु और दुल्हनिया नाच नचाये जैसी फिल्मों ने उनकी व्यस्तता और मांग को और मजबूत किया।
यदि उनकी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री की बात की जाए, तो अक्षरा सिंह के साथ उनकी जोड़ी को दर्शकों ने विशेष रूप से पसंद किया है। म्यूजिक वीडियो मोहिनी इसकी सबसे बड़ी मिसाल है, जिसने दर्शकों के बीच जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की। इसके बाद फिल्म ऐसा पति मुझे दे भगवान में दोनों पहली बार बड़े पर्दे पर साथ दिखाई दिए। हालांकि बाद में दोनों किसी फिल्म में साथ नजर नहीं आए, लेकिन एक दर्जन से अधिक म्यूजिक एल्बमों में उनकी जोड़ी को दर्शकों का भरपूर प्यार मिला।
अंशुमान ने आम्रपाली दुबे और काजल राघवानी जैसी लोकप्रिय अभिनेत्रियों के साथ भी काम किया है। वहीं, उनकी सबसे अधिक फिल्में रिचा दीक्षित के साथ रही हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह यह मानी जाती है कि अंशुमान अपने सह-कलाकारों के साथ बेहद स्वाभाविक और सहज दिखाई देते हैं।
उनकी प्रतिभा को इंडस्ट्री ने भी खुले दिल से स्वीकार किया है। 8 मई को पटना में आयोजित ज़ी भोजपुरी सम्मान 2025 में उन्हें “बेस्ट यंग एक्टर 2025” सम्मान से नवाजा गया। यह पुरस्कार इस बात का संकेत है कि भोजपुरी सिनेमा उन्हें भविष्य के प्रमुख सितारों में शामिल मानने लगा है।
अब अंशुमान का सफर केवल भोजपुरी सिनेमा तक सीमित नहीं रह गया है। उनके लिए हिंदी मनोरंजन जगत के दरवाजे भी खुल चुके हैं। एक मल्टी-स्टारर हिंदी वेब सीरीज और एक हिंदी फिल्म की शूटिंग शुरू होने जा रही है। वर्ष 2026 में हिंदी दर्शक भी उनके अभिनय का नया रूप देखने वाले हैं।
आज जब इंडस्ट्री में काम की कमी की चर्चा होती है, तब अंशुमान सिंह राजपूत लगातार बैक-टू-बैक शूटिंग में व्यस्त हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह उनका अभिनय कौशल, अनुशासन और दर्शकों के बीच बढ़ता विश्वास है। यदि यही सिलसिला जारी रहा, तो आने वाले वर्षों में वे न केवल भोजपुरी सिनेमा बल्कि हिंदी मनोरंजन जगत में भी अपनी एक मजबूत और स्थायी पहचान बनाने में सफल हो सकते हैं।











