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महाराष्ट्र में सियासी खेल तेज! UBT के दांव से 2/3 बहुमत का समीकरण बिगड़ता दिखा

On: June 18, 2026 10:27 AM
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Shinde's Operation Tiger Under Pressure

महाराष्ट्र की राजनीति में चर्चित ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर नया घटनाक्रम सामने आया है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट ने दावा किया है कि अलग संसदीय समूह बनाने की कोशिशों के बीच लोकसभा अध्यक्ष को भेजे गए पत्र पर सभी सांसदों के हस्ताक्षर नहीं हैं। पार्टी के अनुसार, धाराशिव से सांसद ओमराजे निंबालकर और मुंबई नॉर्थ-ईस्ट से सांसद संजय पाटिल ने इस पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं।

दोनों सांसदों ने यह भी कहा है कि वे उस समय नई दिल्ली में मौजूद नहीं थे, जब इस प्रक्रिया को अंजाम दिए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि, शिंदे गुट से जुड़े सूत्रों का दावा है कि आवश्यक प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और इसका विवरण अब सार्वजनिक हो गया है।

सूत्रों के मुताबिक, मुंबई के सांसद अरविंद सावंत और अनिल देसाई तथा नासिक के सांसद राजाभाऊ वाजे को छोड़कर अधिकांश सांसद नए गुट के साथ जुड़ चुके हैं। वहीं, ओमराजे निंबालकर ने कहा है कि वह 20 जून के बाद ही अपनी अंतिम स्थिति स्पष्ट करेंगे। दूसरी ओर, संजय पाटिल ने कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है और न ही किसी ने उनसे संपर्क किया है।

इस राजनीतिक खींचतान के बीच शिवसेना UBT ने दिल्ली में होने वाली संसदीय दल की बैठक के लिए व्हिप जारी किया है। माना जा रहा है कि इस बैठक से यह स्पष्ट होगा कि कितने सांसद पार्टी नेतृत्व के साथ बने हुए हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि तीन से अधिक सांसद बैठक में शामिल होते हैं, तो अलग गुट बनाने की कोशिशों को झटका लग सकता है, क्योंकि इसके लिए आवश्यक दो-तिहाई समर्थन जुटाना कठिन हो जाएगा।

इसी दौरान शिवसेना UBT के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि ओमराजे निंबालकर पर शिंदे गुट में शामिल होने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सांसदों को दल बदलने के लिए बड़ी रकम की पेशकश की जा रही है।

राउत ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि कुछ सांसदों को कथित तौर पर करोड़ों रुपये के प्रस्ताव दिए गए हैं। उनके इस बयान पर तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने भी प्रतिक्रिया दी और राजनीतिक दल-बदल से जुड़े कथित आर्थिक प्रलोभनों पर टिप्पणी की।

महाराष्ट्र की राजनीति में जारी इस घटनाक्रम ने राज्य के राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। अब सभी की निगाहें आगामी बैठकों और सांसदों के अंतिम रुख पर टिकी हैं, जो आगे की राजनीतिक दिशा तय कर सकते हैं।

मो उवैस खान

मो. उवैस खान KN Live Media Network के संस्थापक एवं KN LIVE24 के प्रधान संपादक हैं। उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) से पी.जी. जे.एम.सी. (पत्रकारिता एवं जनसंचार) की डिग्री प्राप्त की है।

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