हसेरन। विकास खंड हसेरन के ग्राम राजपुर में जलालपुर कांकर कुई मेन रोड पर कथित रूप से बिना मान्यता के संचालित हो रहे एक विद्यालय को लेकर शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह विद्यालय पिछले छह माह से अधिक समय से संचालित है, जहां कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को पढ़ाया जा रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार विद्यालय संचालक को पूर्व में भी कई बार खंड शिक्षा अधिकारियों की ओर से नोटिस दिए जा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद विद्यालय का संचालन बंद नहीं हुआ। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर किन परिस्थितियों में सरकारी निर्देशों और विभागीय नोटिस के बावजूद विद्यालय लगातार संचालित होता रहा।
जानकारी के मुताबिक, इटावा जनपद निवासी मुनेंद्र कुमार पड़ोसी ग्राम में रिश्तेदारी में रहकर उक्त विद्यालय का संचालन कर रहे हैं। आरोप है कि पूर्व में नोटिस जारी होने के बावजूद विद्यालय का संचालन जारी रहा। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
मामले में नवागंतुक खंड शिक्षा अधिकारी विश्वनाथ पाठक ने गंभीरता दिखाते हुए विद्यालय संचालक को नोटिस जारी किया है। नोटिस में विद्यालय बंद करने के लिए तीन दिन का समय दिया गया है।
नोटिस के अनुसार निर्धारित समय में विद्यालय का संचालन बंद नहीं किया गया तो एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाए जाने के साथ ही संबंधित थाने में अभियोग पंजीकृत कराने की कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने मामले में कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
अमान्य विद्यालय के संचालन को लेकर अभिभावकों और स्थानीय लोगों में भी चिंता है। लोगों का कहना है कि यदि विद्यालय के पास आवश्यक मान्यता नहीं है तो वहां पढ़ रहे बच्चों की पढ़ाई और उनके भविष्य पर इसका प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
अब देखना यह होगा कि शिक्षा विभाग द्वारा जारी तीन दिन के अल्टीमेटम के बाद विद्यालय संचालक विद्यालय बंद करता है या विभाग अपने नोटिस के अनुसार जुर्माना और एफआईआर की कार्रवाई करता है।
फिलहाल मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और स्थानीय लोगों की नजर शिक्षा विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी है।






