मुरादाबाद में नए यूजीसी कानून को लेकर विभिन्न संगठनों में गहरा रोष देखने को मिला। कानून के विरोध में मंगलवार को बड़ी संख्या में संगठन पदाधिकारी, कर्मचारी और समर्थक सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने जुलूस निकालते हुए जोरदार नारेबाजी की और सरकार के खिलाफ अपना विरोध खुलकर जताया। प्रदर्शन के दौरान माहौल तनावपूर्ण बना रहा, वहीं शहर के प्रमुख मार्गों पर भारी भीड़ के कारण यातायात भी प्रभावित हुआ।
प्रदर्शन की शुरुआत सुबह तय स्थल से हुई, जहां विभिन्न संगठनों के लोग बैनर, पोस्टर और तख्तियां लेकर एकत्रित हुए। सभी ने एक स्वर में यूजीसी कानून को वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह कानून शिक्षा व्यवस्था, शिक्षकों के अधिकारों और संस्थानों की स्वायत्तता को नुकसान पहुंचाएगा। उनका आरोप था कि बिना व्यापक विचार-विमर्श के इस कानून को लागू किया गया है, जिससे शिक्षण संस्थानों में असंतोष बढ़ रहा है। इसके बाद जुलूस शहर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ आगे बढ़ा।
जुलूस के दौरान “काला कानून वापस लो”, “शिक्षा बचाओ–देश बचाओ” और “मनमानी बंद करो” जैसे नारे गूंजते रहे। प्रदर्शन में युवा, कर्मचारी, शिक्षक संगठनों के सदस्य और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल रहे। वक्ताओं ने कहा कि यह आंदोलन केवल एक कानून के विरोध तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था और उसके भविष्य को बचाने की लड़ाई है।









