
Cyber Security Workshop: दक्षिण पूर्व दिल्ली स्थित जिला मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में गृह मंत्रालय के तत्वावधान में साइबर सिक्योरिटी को लेकर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को बढ़ते साइबर खतरों के प्रति जागरूक करना और डिजिटल सुरक्षा के महत्व को समझाना रहा।

कार्यशाला के दौरान साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट डॉक्टर दीपक सिंह ने उपस्थित अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं और सरकारी कार्यालयों के साथ-साथ आम नागरिक भी इसके निशाने पर हैं। उन्होंने बताया कि ई-मेल फ्रॉड, फिशिंग, डेटा चोरी, रैनसमवेयर और सोशल मीडिया हैकिंग जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे सतर्क रहना बेहद जरूरी हो गया है।
डॉ. दीपक सिंह ने कहा कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, संदिग्ध ई-मेल या मैसेज को खोलने से बचें और अपने पासवर्ड को समय-समय पर बदलते रहें। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि सरकारी दस्तावेजों और मरीजों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी को सुरक्षित रखने के लिए मजबूत पासवर्ड और दो-स्तरीय प्रमाणीकरण (Two-Factor Authentication) का उपयोग किया जाना चाहिए। साइबर फ्रॉड होने पर 1930 पर कॉल कर के अपनी जानकारी दे।

कार्यशाला में यह भी बताया गया कि साइबर हमले केवल आर्थिक नुकसान ही नहीं पहुंचाते, बल्कि संस्थानों की साख और गोपनीय जानकारी को भी गंभीर खतरे में डाल सकते हैं। इसलिए डिजिटल उपकरणों का उपयोग करते समय सुरक्षा नियमों का पालन करना अनिवार्य है।
कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने साइबर सुरक्षा से जुड़े अपने सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञ द्वारा विस्तार से उत्तर दिया गया। आयोजकों ने कहा कि भविष्य में भी इस तरह की जागरूकता कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी, ताकि सरकारी तंत्र को साइबर रूप से अधिक मजबूत और सुरक्षित बनाया जा सके।

डॉक्टर धर्मेंद्र ने भी अपने स्टाफ को साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूक करते हुए कहा कि डिजिटल युग में लापरवाही एक बड़ी चूक साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा डेटा बेहद संवेदनशील होता है, इसलिए इसकी सुरक्षा सभी कर्मचारियों की सामूहिक जिम्मेदारी है। डॉक्टर धर्मेंद्र ने कर्मचारियों से अपील की कि वे कार्यालयीन कंप्यूटर, ई-मेल और सरकारी पोर्टल का उपयोग पूरी सावधानी से करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना संबंधित अधिकारियों को दें।

इस दौरान साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट डॉक्टर दीपक सिंह, दीपक सिंह , जिला मुख्य चिकित्साधिकारी डॉक्टर धर्मेंद्र, डॉक्टर गरिमा जायसवाल, डॉक्टर स्तुति, डॉक्टर अनुश्री, डॉक्टर शालू गर्ग, डॉक्टर बालमुकुंद मुरारी, डॉक्टर सौरभ , डॉक्टर निशा नूपुर, जगदीश सिंह, मनोरम त्यागी, धर्मपाल सिंह, रहमत अली समेत दर्जनों डॉक्टर और हेल्थ केयर वर्कर्स मौजूद रहे।













