NDA Declare Vice President Candidate: भाजपा ने आगामी उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए तमिलनाडु के वरिष्ठ नेता सीपी राधाकृष्णन को अपना उम्मीदवार (Candidate) घोषित किया है। सोमवार को पार्टी की संसदीय बोर्ड की बैठक में उनके नाम पर अंतिम मुहर लगाई गई, जिससे यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि भाजपा ने इस बार एक अलग रणनीतिक दिशा अपनाई है।
राधाकृष्णन की उम्मीदवारी को पार्टी की ओबीसी सोशल इंजीनियरिंग और दक्षिण भारत (South India) में राजनीतिक विस्तार की योजना से जोड़कर देखा जा रहा है। वह तमिलनाडु (Tamilnadu) से आते हैं और ओबीसी समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। ऐसे में भाजपा ने न सिर्फ सामाजिक समीकरणों को साधने का प्रयास किया है, बल्कि तमिलनाडु जैसे राज्य में, जहां आगामी डेढ़ वर्ष में विधानसभा चुनाव होने हैं, अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की मंशा भी जताई है।
वर्ष 2022 में जब भाजपा ने जगदीप धनखड़ को एनडीए (NDA) का उपराष्ट्रपति पद (Vice President) का उम्मीदवार (Candidate) बनाया था, तब पार्टी का फोकस जाट समुदाय पर था। धनखड़ का अंदाज़ मुखर और टकरावपूर्ण रहा है, विशेषकर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल रहते ममता बनर्जी सरकार के साथ उनके विवादों ने उन्हें राष्ट्रीय पहचान दिलाई थी।
इसके विपरीत, सीपी राधाकृष्णन की छवि शांत, सौम्य और समावेशी नेता की है। किशोरावस्था से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े राधाकृष्णन लंबे समय से पार्टी के साथ सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। उन्हें एक ऐसा चेहरा माना जा रहा है जो संवैधानिक जिम्मेदारियों का निष्पक्ष और संतुलित निर्वहन कर सकेगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा ने इस नाम के ज़रिए विपक्ष को भी चौंकाया है। फिलहाल, राधाकृष्णन के नाम पर कोई तीखा विरोध सामने नहीं आया है, जिससे उनके निर्विरोध चुने जाने की संभावना भी जताई जा रही है।
भाजपा की यह रणनीति न केवल राष्ट्रीय स्तर पर सामाजिक संतुलन बनाने की दिशा में कदम है, बल्कि दक्षिण भारत में पार्टी के लिए नए राजनीतिक अवसरों के द्वार भी खोल सकती है।













