हसेरन (कन्नौज)। विकास खंड हसेरन के ग्राम बिलंदपुर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का समापन धार्मिक उल्लास एवं भक्ति भाव के साथ हुआ। कथा के अंतिम दिवस कथा व्यास पंडित आशुतोष मिश्रा ने श्रद्धालुओं को धर्म, कर्म और जीवन मूल्यों का संदेश देते हुए कहा कि चार वेद, छह शास्त्र और अठारह पुराणों का सार यही है कि मनुष्य जैसा कर्म करता है, उसे वैसा ही फल प्राप्त होता है। यदि हम दूसरों को दुख देंगे तो बदले में दुख मिलेगा और यदि सुख देंगे तो सुख मिलेगा। उन्होंने कहा कि “जो प्राप्त है, वही पर्याप्त है” की भावना अपनाकर संतोषपूर्वक जीवन जीना चाहिए।

कथा के दौरान पंडित आशुतोष मिश्रा ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, विवाह प्रसंगों तथा विभिन्न असुरों के संहार का विस्तार से वर्णन किया। इसके बाद श्रीकृष्ण-सुदामा मिलन की मार्मिक कथा एवं आकर्षक झांकी ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री के पुत्र अनिल कुमार पाल ने विधिवत कथा व्यास का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि कथा श्रवण तभी सार्थक है, जब हम अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाएं, बच्चों को शिक्षित करें, बेटा-बेटी में भेदभाव न करें तथा महान विभूतियों के आदर्शों और संस्कारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाएं। उनके संबोधन का उपस्थित लोगों ने स्वागत किया।
कार्यक्रम में प्रधान प्रतिनिधि भरत पाल सिंह, समाजसेवी बृजेश सिंह सहित अनेक लोगों ने कथा व्यास को पगड़ी, अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। कथा समापन पर “राधे-राधे” के जयघोष और भक्ति गीतों पर श्रद्धालु झूम उठे। अंत में “गोविंद जय जय, गोपाल जय जय” संकीर्तन एवं करतल ध्वनि के बीच वातावरण भक्तिमय हो गया।
परीक्षित शीलेन्द्र सिंह पाल एवं उनकी पत्नी रिमान देवी ने विधिवत आरती-पूजन कर प्रसाद वितरण कराया। कार्यक्रम में पूर्व प्रधान रक्षपाल सिंह पाल, सत्य पाल सिंह, दीपेंद्र सिंह, अमित कुमार कश्यप, अखिलेश पाल, भानु प्रताप सिंह, जगपाल सिंह, सुधीर कुमार चतुर्वेदी, आचार्य मोहन लाल बाथम, रामप्रताप सिंह सहित बड़ी संख्या में पुरुष एवं महिला श्रद्धालु उपस्थित रहे।





