Yamuna Flood : यमुना नदी के उफान ने इस बार 15 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। सोमवार को वाटर वर्क्स पर जलस्तर 500.1 फीट तक पहुंच गया, जबकि पिछला रिकॉर्ड वर्ष 2010 में 499.6 फीट दर्ज हुआ था। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो 1978 का 507 फीट का ऐतिहासिक स्तर भी खतरे में पड़ सकता है।
तेजी से बढ़ते जलस्तर ने आगरा के तटीय इलाकों में तबाही मचा दी है। खेतों में खड़ी फसलें डूब गईं, कई गांवों में मकानों में पानी घुस आया है और ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ रही है। प्रशासन की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं, लेकिन हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं।
बाढ़ की इस स्थिति के पीछे हथिनी कुंड बैराज से छोड़ा गया पानी अहम कारण बताया जा रहा है। रविवार को बैराज से करीब 3.29 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिसने यमुना में जलस्तर तेजी से बढ़ा दिया।
जल संसाधन विभाग ने निचले इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि अचानक बढ़ते पानी ने उनकी मेहनत और रोज़मर्रा की जिंदगी पर गहरी चोट की है।
अगर जलस्तर इसी गति से बढ़ता रहा, तो 1978 जैसी स्थिति एक बार फिर सामने आ सकती है, जब यमुना ने सबसे ऊंचा स्तर छुआ था।











