मौसम क्रिकेट वायरल न्यूज़ स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल विज्ञान आध्यात्मिक अन्य

ED की छापेमारी के बाद सौरभ भारद्वाज की चुनौती – बोले, “गिरफ्तार करना है तो कर लो”, करेंगे बड़ा खुलासा

On: August 27, 2025 10:06 AM
Follow Us:

दिल्ली सरकार(Delhi Govt) के पूर्व मंत्री और आप नेता सौरभ भारद्वाज (Saurabh Bhardwaj) ने ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) की छापेमारी के बाद तीखा जवाब दिया है। मंगलवार देर रात उन्होंने कहा कि वह बुधवार को एक बड़ा खुलासा करेंगे और ईडी को खुली चुनौती दी कि अगर उन्हें गिरफ्तार करना है तो वे कर सकते हैं।

भारद्वाज ने दावा किया कि उन्होंने ईडी अधिकारियों से तीन बार कहा कि वे चाहें तो उन्हें गिरफ्तार कर लें, लेकिन वह किसी के दबाव में काम नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वह दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के अनुयायी हैं और पार्टी की विचारधारा से पीछे नहीं हटेंगे।

छापेमारी का कारण और ईडी की कार्रवाई

मंगलवार सुबह दिल्ली में सौरभ भारद्वाज सहित आप से जुड़े 13 से ज्यादा स्थानों पर ईडी ने छापेमारी की। यह कार्रवाई कथित तौर पर अस्पताल निर्माण से जुड़ी अनियमितताओं और धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के आरोपों की जांच के तहत की गई। ईडी अधिकारियों के अनुसार, यह छापेमारी देर रात तक चली।

आम आदमी पार्टी का पलटवार

आप की वरिष्ठ नेता आतिशी ने ईडी की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सौरभ भारद्वाज के घर पर करीब 20 घंटे तक तलाशी ली गई, जो पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित और ध्यान भटकाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि भाजपा, आप से डरती है क्योंकि पार्टी झुकती नहीं है।

पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने भी कहा कि जिस मामले को लेकर यह छापा मारा गया, वह उस समय का है जब भारद्वाज किसी पद पर नहीं थे। उन्होंने इस कार्रवाई को “झूठा और बेबुनियाद” बताया।

संजय सिंह और भगवंत मान की प्रतिक्रिया

आप सांसद संजय सिंह ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीति ही यह है कि विपक्षी नेताओं को फर्जी मामलों में फंसाकर जेल भेजा जाए। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई पीएम मोदी की कथित फर्जी डिग्री से ध्यान हटाने के लिए की गई है।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी ईडी की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह रेड सिर्फ प्रधानमंत्री की डिग्री पर चल रही बहस से लोगों का ध्यान हटाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि सत्येंद्र जैन का मामला इसका उदाहरण है, जिन्हें तीन साल जेल में रखने के बाद एजेंसियों ने क्लोजर रिपोर्ट दी।

मो उवैस खान

मो. उवैस खान KN Live Media Network के फाउंडर और KN LIVE24 में प्रधान संपादक हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment

Created with ❤