Punjab and Haryana High Court ने पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाते हुए Gurmeet Ram Rahim Singh को बरी कर दिया है। हालांकि मामले में अन्य तीन दोषियों — कुलदीप सिंह, निर्मल सिंह और कृष्णलाल — की सजा को अदालत ने बरकरार रखा है।
यह मामला वर्ष 2002 में पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या से जुड़ा है। छत्रपति उस समय सिरसा से प्रकाशित अखबार पूरा सच के संपादक थे। उन्होंने Dera Sacha Sauda से जुड़े एक गुमनाम पत्र को प्रकाशित किया था, जिसमें डेरा प्रमुख पर गंभीर आरोप लगाए गए थे। इसके कुछ समय बाद अक्टूबर 2002 में उन्हें गोली मार दी गई थी।
मामले की जांच बाद में Central Bureau of Investigation (CBI) को सौंपी गई थी। जांच के बाद सीबीआई की विशेष अदालत ने 17 जनवरी 2019 को फैसला सुनाते हुए गुरमीत राम रहीम सहित चार आरोपियों को दोषी ठहराया था और उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
अब पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अपील पर सुनवाई करते हुए डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को इस मामले में बरी कर दिया है, जबकि अन्य तीन दोषियों की सजा को बरकरार रखा है।
इस फैसले के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, फैसले के खिलाफ आगे सुप्रीम कोर्ट में अपील की संभावना भी बनी हुई है।







