Nikki Murder Case: तीसरा आरोपी गिरफ्तार, पति व सास पहले सलाखों के पीछे, ससुर फरार गौतमबुद्धनगर जिले के कासना थाना क्षेत्र के सिरसा गांव में विवाहिता निक्की की संदिग्ध मौत ने सनसनी फैला दी थी। दहेज के लिए प्रताड़ित किए जाने और जिंदा जलाकर हत्या किए जाने का आरोप लगने पर पुलिस ने जांच तेज कर दी है।
तीसरा आरोपी जेठ रोहित गिरफ्तार
पुलिस ने फरार चल रहे जेठ रोहित भाटी को सिरसा टोल चौराहे के पास से गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में इससे पहले पति विपिन भाटी और सास दया भाटी को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, निक्की के ससुर सत्यवीर भाटी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
पति विपिन को मुठभेड़ में लगी गोली, मां भी गिरफ्तार
पुलिस ने आरोपी पति विपिन को मुखबिर की सूचना और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से पकड़ा था। बरामदगी के लिए उसे जब पुलिस खेत पर लेकर गई तो उसने पुलिस की पिस्तौल छीनकर गोली चलाई और भागने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।
घटना के बाद मौके पर पहुंची उसकी मां दया को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। अदालत ने विपिन को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
आरोपी ने कहा – पछतावा नहीं
अस्पताल में इलाज के दौरान आरोपित विपिन ने चौंकाने वाला बयान दिया कि उसे अपनी पत्नी की मौत का कोई पछतावा नहीं है। उसका दावा था कि निक्की ने खुद मौत को गले लगाया।
35 लाख दहेज की मांग का आरोप
दादरी के रूपवास गांव की 27 वर्षीय निक्की की शादी साल 2016 में सिरसा निवासी विपिन भाटी से हुई थी। परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष निक्की से 35 लाख रुपये दहेज की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित करता रहा। एक मोटरसाइकिल देने के बाद भी प्रताड़ना रुकने के बजाय बढ़ती गई।
बहन ने वीडियो में किया घटनाक्रम कैद
मृतका की बहन कंचन, जिसकी शादी विपिन के भाई से हुई है, का आरोप है कि घटना के दिन सास दया और पति विपिन ने मिलकर निक्की पर ज्वलनशील पदार्थ डाला और आग लगा दी। इस दौरान निक्की की बेरहमी से पिटाई भी हुई।
कंचन ने विरोध किया तो उसके साथ भी मारपीट हुई। इसी दौरान उसने आरोपियों का घटनाक्रम वीडियो में कैद कर लिया। घायल निक्की को फोर्टिस और फिर सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने लिया संज्ञान
घटना की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग ने उत्तर प्रदेश डीजीपी को पत्र भेजा है। आयोग ने तीन दिन में विस्तृत रिपोर्ट देने, आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।











