दिल्ली सरकार ने दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हाल ही में दिव्यांगजनों के लिए एक नई वित्तीय सहायता योजना की घोषणा की, जिसके तहत उच्च सहयोग की श्रेणी में आने वाले दिव्यांगजनों के परिजनों या देखभालकर्ताओं को हर महीने ₹6000 की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। इस योजना का उद्देश्य दिव्यांगजनों और उनके परिवारों को सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता प्रदान करना है।
योजना का शुभारंभ
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस योजना की घोषणा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इसका औपचारिक शुभारंभ करेंगे। यह निर्णय दिल्ली कैबिनेट की बैठक में पारित किया गया था।
पात्रता मानदंड और आवेदन प्रक्रिया
इस योजना का लाभ उन दिव्यांगजनों को मिलेगा, जिनकी दिव्यांगता 40 प्रतिशत या उससे अधिक है और जिनका मूल्यांकन जिला स्तरीय आकलन बोर्ड द्वारा उच्च सहयोग श्रेणी में किया गया है। लाभार्थियों को प्रतिमाह ₹6000 की राशि उनके आधार कार्ड से लिंक्ड बैंक खाते में सीधे भेजी जाएगी। यह धनराशि देखभाल करने वाले सहायकों, चिकित्सा उपचार, फिजियोथेरेपी, स्पीच थेरेपी, ऑक्युपेशनल थेरेपी, मनोवैज्ञानिक परामर्श, सहायक उपकरणों और अन्य आवश्यक सेवाओं के खर्चों में उपयोग की जा सकेगी।
पात्रता शर्तें
योजना के लिए पात्रता शर्तें भी तय की गई हैं। आवेदन करने वाले व्यक्ति को कम से कम पांच वर्षों से दिल्ली में निवास करना होगा और उनके परिवार की वार्षिक आय ₹1,00,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा, आवेदनकर्ता का आधार कार्ड सत्यापित होना अनिवार्य होगा। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन होगी, जिसमें लाभार्थी ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर पंजीकरण कर सकेंगे। इसके बाद, जिला समाज कल्याण अधिकारी आवेदन की जांच करेंगे और आकलन बोर्ड द्वारा सत्यापन किया जाएगा।
योजना का महत्व और उद्देश्य
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह योजना केवल वित्तीय सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि दिव्यांगजनों की सामाजिक भागीदारी और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने में भी सहायक होगी। उन्होंने यह भी कहा कि अब तक दिव्यांगजनों के देखभाल और चिकित्सा खर्चों का बोझ उनके परिवारों पर बहुत भारी पड़ता था। इस योजना से उस बोझ को कम करने और दिव्यांगजनों को मानसिक और भावनात्मक सहायता प्रदान करने में मदद मिलेगी।













