हाल के दिनों में वायु गुणवत्ता सूचकांक खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे बच्चे, वरिष्ठ नागरिक और श्वसन रोगों से पीड़ित व्यक्तियों को सुबह और शाम के समय बाहरी गतिविधियों से परहेज करना चाहिए।
वायु में बढ़ते प्रदूषण का असर अब सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य पर दिख रहा है। पिछले कुछ समय से शहरी इलाकों में वायु गुणवत्ता चिंताजनक बनी हुई है। इस स्थिति के चलते अस्पतालों में गले की समस्या, खांसी, सांस की तकलीफ और छाती में असुविधा से जुड़े मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।
चिकित्सा विशेषज्ञों के मुताबिक, सिर्फ मास्क का उपयोग पूरी सुरक्षा नहीं दे सकता। वातावरण में मौजूद सूक्ष्म कण और हानिकारक तत्व श्वसन मार्ग के माध्यम से शरीर में प्रवेश कर सकते हैं, जो संक्रमण की आशंका को बढ़ाते हैं। विशेषज्ञ नियमित भाप लेने की सिफारिश करते हैं, जिससे श्वसन प्रणाली स्वच्छ रहती है। दिन में दो बार सादे पानी या औषधीय भाप का सेवन फायदेमंद साबित हो सकता है।









