उत्तर प्रदेश पुलिस ने रविवार को एआईएमआईएम (AIMIM) कन्नौज जिलाध्यक्ष इशरत खान को घर में नजरबंद कर दिया। पुलिस ने प्रदेश के बिगड़े माहौल का हवाला देते हुए कहा कि पार्टी का ज्ञापन कोतवाली में ही लिया जाएगा, इसलिए नेताओं को कलेक्ट्रेट जाने की जरूरत नहीं है।
इस कदम से एआईएमआईएम कार्यकर्ताओं में नाराज़गी फैल गई है। उनका कहना है कि यह लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा प्रहार है। पार्टी के अनुसार, उनका कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से राष्ट्रपति महोदया को संबोधित ज्ञापन सौंपने का था, लेकिन प्रशासन ने उसे रोक दिया।
इशरत खान ने कहा, “अलहम्दुलिल्लाह, मजलिस डरने या घबराने वालों की जमात नहीं है।” उन्होंने ऐलान किया कि सोमवार सुबह 11 बजे गुरसहायगंज कोतवाली में संबंधित अधिकारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा और पार्टी अपनी बात वहीं रखेगी।
फिलहाल पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और हालात पर नज़र रखे हुए है। उधर, एआईएमआईएम कार्यकर्ता हाउस अरेस्ट को लेकर खासे नाराज़ हैं। उनका कहना है कि सरकार शांतिपूर्ण आवाज़ों को भी दबाने की कोशिश कर रही है।









