PM-CM will also go to Jail: केंद्र सरकार संसद में आज बुधवार को तीन अहम विधेयक पेश करने की तैयारी में है। प्रस्तावित प्रावधानों के अनुसार अगर प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री, राज्य या केंद्रशासित प्रदेश के मुख्यमंत्री अथवा मंत्री गंभीर आपराधिक मामलों में गिरफ्तार या हिरासत में लिए जाते हैं, तो उन्हें पद से हटाया जा सकेगा।
विपक्ष का आरोप – “लोकतांत्रिक ढांचे पर हमला”
इस प्रस्ताव पर विपक्षी दलों ने कड़ा विरोध जताया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार विपक्षी शासित राज्यों को अस्थिर करने के लिए यह कानून लाना चाहती है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि केंद्रीय एजेंसियों के जरिए विपक्षी मुख्यमंत्रियों को निशाना बनाकर पहले गिरफ्तार कराया जाएगा और फिर इस कानून का इस्तेमाल कर उन्हें तुरंत पद से हटाया जाएगा।
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने भी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि 240 सीटों वाली बीजेपी संविधान में बदलाव कर लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।
सिंघवी बोले – “यह अनियंत्रित और अनुचित”
कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि यह कानून विपक्ष को खत्म करने का हथियार है। सिंघवी ने कहा कि अब गिरफ्तारी को लेकर कोई ठोस दिशा निर्देश नहीं होंगे और विपक्षी नेताओं को मनमाने ढंग से हटाया जा सकेगा।
लोकसभा में पेश होंगे ये तीन विधेयकगृह मंत्री अमित शाह आज लोकसभा में जिन विधेयकों को पेश करेंगे, वे हैं –
1. केंद्र शासित प्रदेश सरकार (संशोधन) विधेयक 2025
2. संविधान (130वां संशोधन) विधेयक 2025
3. जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक 2025
साथ ही, इन विधेयकों को संसदीय संयुक्त समिति (JPC) को भेजने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा।
गोगोई का आरोप – “ध्यान भटकाने की कोशिश”
लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने कहा कि इन विधेयकों का मकसद जनता का ध्यान भटकाना है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम बिहार में राहुल गांधी की ‘वोट अधिकार यात्रा’ के प्रभाव को कमजोर करने की कोशिश है।













