उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद के धराली गांव में मंगलवार सुबह बादल फटने की घटना से भारी तबाही मच गई। इससे खीरगंगा में अचानक उफान आ गया, जिसके चलते गांव में पानी और मलबा घुस गया। डीएम प्रशांत आर्य के अनुसार, अब तक इस आपदा में चार लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य के मलबे में दबे होने की आशंका है।
जैसे ही बाढ़ का पानी गांव की ओर बढ़ा, लोगों में दहशत फैल गई। धराली बाजार पूरी तरह बर्बाद हो गया है। कई होटल और दुकानें पानी के तेज बहाव में बह गईं। राहत और बचाव कार्यों के लिए आर्मी, पुलिस, एसडीआरएफ और अन्य टीमें भटवाड़ी की ओर रवाना कर दी गई हैं।
उत्तराखंड में भारी बारिश का कहर जारी
प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी बारिश ने तबाही मचा रखी है। बड़कोट तहसील के बनाल पट्टी क्षेत्र में मूसलधार बारिश के कारण करीब 18 बकरियां कुड गदेरे में बह गईं। गदेरे के उफान में आने से स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक रोहित थपलियाल के मुताबिक, 10 अगस्त तक प्रदेश में भारी वर्षा की संभावना है। विशेषकर पर्वतीय इलाकों में तेज बारिश के दौर की चेतावनी दी गई है। देहरादून, पौड़ी, टिहरी और हरिद्वार जिलों में मंगलवार को भी सुरक्षा की दृष्टि से स्कूल बंद रखे गए हैं।
मुख्यमंत्री ने जताया शोक, राहत कार्य तेज
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी की इस आपदा पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव कार्यों के लिए SDRF, NDRF और प्रशासनिक टीमें पूरी मुस्तैदी से काम में जुटी हैं। मुख्यमंत्री स्वयं वरिष्ठ अधिकारियों के संपर्क में हैं और स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने केंद्र सरकार से दो एमआई और एक चिनूक हेलिकॉप्टर राहत कार्यों के लिए उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
यमुनोत्री हाईवे पर भूस्खलन, आवाजाही ठप
लगातार बारिश के चलते यमुनोत्री हाईवे पर भी भारी नुकसान हुआ है। स्यानाचट्टी के पास करीब 25 मीटर सड़क धंसने से मार्ग अवरुद्ध हो गया है। साथ ही आसपास की पहाड़ियों से बोल्डर गिरने का सिलसिला भी जारी है।
गंगोत्री हाईवे पर भी डबराणी, नाग मंदिर और नेताला के पास मलबा आने से मार्ग कई बार बाधित रहा। हालांकि बीआरओ ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मार्गों को अस्थायी रूप से सुचारू किया है।
एनएच विभाग के अधिकारी मनोज रावत के अनुसार, लगातार हो रही बारिश के कारण मार्ग खोलने में मुश्किलें आ रही हैं। उन्होंने बताया कि प्रयास किया जा रहा है कि शाम तक धंसे हिस्से में कटिंग कर छोटे वाहनों की आवाजाही शुरू करवाई जा सके।













