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डिजिटल युग में आंतरिक सुरक्षा की नई चुनौती

On: February 11, 2026 10:58 AM
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A New Internal Security Challenge in the Digital Age : नई दिल्ली में आयोजित केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि साइबर सुरक्षा अब केवल तकनीकी विषय नहीं रह गई है, बल्कि यह देश की आंतरिक सुरक्षा से सीधे जुड़ा मुद्दा बन चुकी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश के नागरिकों और संस्थानों के डेटा की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

साइबर अपराध से निपटने के लिए नई पहल

सम्मेलन का विषय साइबर सक्षम वित्तीय धोखाधड़ी और उससे जुड़े नेटवर्क को ध्वस्त करना रहा। इस अवसर पर गृह मंत्री ने सीबीआई के नए साइबर अपराध प्रकोष्ठ का उद्घाटन किया। साथ ही भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) के तहत स्टेट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (एस4सी) डैशबोर्ड की शुरुआत की गई। उन्होंने कहा कि विभिन्न एजेंसियों और विभागों का एक मंच पर समन्वय साइबर अपराध के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए आवश्यक है।

डिजिटल विस्तार और बढ़ती चुनौतियां

अमित शाह ने भारत की डिजिटल प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि डिजिटल सेवाओं के उपयोगकर्ताओं की संख्या पिछले वर्षों में तेजी से बढ़ी है और डेटा की लागत में भारी कमी आई है। दुनिया के बड़े हिस्से के डिजिटल लेन-देन भारत में हो रहे हैं। ऐसे में करोड़ों बैंक खातों और संस्थागत डेटा की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बन गई है।

साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई

गृह मंत्री ने बताया कि हाल के वर्षों में बड़े बैंक धोखाधड़ी मामलों की जांच की गई है और हजारों करोड़ रुपये की रकम फ्रीज की गई है। लाखों सिम कार्ड रद्द किए गए हैं और हजारों साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। देशभर से लाखों साइबर शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें कुछ मामले अत्यधिक बड़ी वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े रहे हैं।

म्यूल अकाउंट और हेल्पलाइन पर फोकस

उन्होंने म्यूल अकाउंट (फर्जी खातों) के बढ़ते उपयोग पर चिंता जताते हुए कहा कि इनकी खरीद-फरोख्त अब संगठित अपराध का रूप ले रही है। इस समस्या से निपटने के लिए रिजर्व बैंक और गृह मंत्रालय द्वारा विकसित ‘म्यूल अकाउंट हंटर’ ऐप को सभी बैंकों द्वारा अपनाने की अपील की गई।

साथ ही 1930 साइबर हेल्पलाइन को अधिक प्रभावी बनाने और त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया, ताकि पीड़ितों की धनराशि समय रहते सुरक्षित की जा सके।

समन्वित प्रयास की जरूरत

अमित शाह ने कहा कि आई4सी से सैकड़ों संस्थान जुड़ चुके हैं और सभी को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने आगाह किया कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो साइबर अपराध भविष्य में गंभीर संकट का रूप ले सकता है।

सम्मेलन में साइबर धोखाधड़ी के बदलते स्वरूप, वित्तीय और दूरसंचार क्षेत्रों से जुड़े जोखिम, एआई और डेटा एनालिटिक्स के उपयोग, रियल-टाइम फंड ट्रैकिंग और साक्ष्य संरक्षण जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में केंद्र और राज्य की एजेंसियों, बैंकिंग क्षेत्र, फिनटेक कंपनियों और तकनीकी विशेषज्ञों ने भाग लिया।

मो उवैस खान

मो. उवैस खान KN Live Media Network के संस्थापक एवं KN LIVE24 के प्रधान संपादक हैं। उन्होंने छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय से विधि (LLB) की डिग्री प्राप्त की है तथा राजनीति विज्ञान में परास्नातक की उपाधि हासिल की है। इसके साथ ही उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) से पी.जी. जे.एम.सी. (पत्रकारिता एवं जनसंचार) की डिग्री प्राप्त की है। वर्ष 2020 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए वे निष्पक्ष, निर्भीक और जनहितकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं। मीडिया के माध्यम से सामाजिक मुद्दों, जन समस्याओं और लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त रूप से प्रस्तुत करना उनका मुख्य उद्देश्य है। उनके नेतृत्व में KN LIVE24 विश्वसनीय समाचार और सशक्त डिजिटल पत्रकारिता की दिशा में निरंतर अग्रसर है।

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