Budget 2026: भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन द्वारा प्रस्तुत बजट 2026–27 को लेकर विपक्षी दलों की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने बजट को सामाजिक न्याय की संवैधानिक भावना से भटका हुआ बताया है।
चंद्रशेखर आज़ाद ने कहा कि यदि इस बजट को महिलाओं, दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों के नजरिये से देखा जाए, तो यह साफ़ तौर पर निराशाजनक है।
उनके अनुसार, सरकार ने समावेशन और विकास की भाषा तो अपनाई है, लेकिन हाशिये पर खड़े समाजों की वास्तविक और जमीनी समस्याओं के समाधान के लिए कोई ठोस व लक्षित प्रावधान नहीं किए गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में महिलाओं और बहुजन समाज को केवल “प्रतीक” बनाकर पेश किया गया है, जबकि शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा जैसे बुनियादी मुद्दों पर कोई ठोस रोडमैप नहीं दिखता।
अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ा वर्ग के लिए आवंटन में अपेक्षित बढ़ोतरी न होना सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े करता है।
आज़ाद समाज पार्टी प्रमुख ने यह भी कहा कि बजट से यह संदेश जाता है कि सामाजिक न्याय सरकार के एजेंडे में केवल भाषणों तक सीमित रह गया है।
उन्होंने मांग की कि बजट में वंचित वर्गों के लिए स्पष्ट, जवाबदेह और प्रभावी योजनाओं को शामिल किया जाए, ताकि संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप समानता और न्याय सुनिश्चित हो सके।










